दिल्ली: हिस्ट्रीशटर पर दागीं 50 गोलियां, मौत
नई दिल्ली बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) से विधानसभा चुनाव लड़ चुके और हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र मान उर्फ काला को रविवार को आउटर दिल्ली के नरेला में गोलियों से छलनी कर दिया गया। ऑटोमैटिक हथियारों से लैस आधा दर्जन हमलावरों ने 47 वर्षीय वीरेंद्र पर बीच सड़क ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। उनकी कार पर करीब 50 राउंड फायर किए गए। वीरेंद्र के जिस्म में 22 से ज्यादा गोलियां लगी थीं, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस इस वारदात को गैंगवॉर से जोड़कर देख रही है। पुलिस ने बताया कि वीरेंद्र अपनी कार से सुबह रिश्तेदार के यहां जा रहा था। साथ में ड्राइवर दिनेश था। लामपुर मोड़ पर कार सवार हमलावरों ने ओवरटेक कर वारदात की। ड्राइवर ने किसी तरह भागकर जान बचाई। काला की हत्या के बाद हमलावर फरार हो गए। पुलिस को ड्राइवर दिनेश पर भी शक है। उससे भी पूछताछ हो रही है। दहशत में आसपास के लोग रविवार सुबह करीब नरेला के लामपुर मोड़ के पास श्रीराम स्वरूप तिराहे पर जो हुआ उससे आसपास के लोग बुरी तरह से दहशत में हैं। जिस वक्त हत्या को सरेआम अंजाम दिया जा रहा था, आसपास भगदड़ मच गई। पुलिस को जांच में पता चला कि हमलावरों ने जिस तरह से हत्या को अंजाम दिया उससे लग रहा है कि बहुत पहले से तैयारी की गई थी। वीरेंद्र की पल-पल की लोकेशन किसी जानकार से मिल रही थी। सभी हमलावर अपनी कार में बैठकर नाहरपुर गांव की ओर फरार हो गए। आशंका है कि दिल्ली बॉर्डर पार करके वे हरियाणा चले गए। पुलिस को मौके से 40 से अधिक खोखे मिले। पुलिस के मुताबिक, वीरेंद्र मान उर्फ काला परिवार के साथ दिल्ली के खेड़ा खुर्द गांव इलाके में रहता था। परिवार में मां, पत्नी, 12 साल का बेटा, एक भाई और उसकी पत्नी और दो बच्चे हैं। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से कुछ अहम सुराग भी हाथ लगे हैं। उसके आधार पर पुलिस की टीमें बाहरी दिल्ली के अलावा यूपी और हरियाणा में छापेमारी कर रही है। हत्या की जांच में लोकल पुलिस के अलावा स्पेशल सेल भी अपने लेवल पर जुट गई है। सूत्रों का कहना है कि वीरेंद्र की नीरज बवानिया से नजदीकी थी। कुछ दिनों पहले अशोक विहार फेज-1 में राजेश बवानिया के करीबी और वीरेंद्र के गांव के बबलू खेड़ा की हत्या हो गई थी। उसमें वीरेंद्र का एक साथी पकड़ा गया था। इसी बात पर वीरेंद्र राजेश के निशाने पर था। दूसरी ओर, गैंगस्टर जितेंद्र गोगी और हरियाणा के कुछ बदमाशों से भी वीरेंद्र की अनबन चल रही थी। माना जा रहा है कि वे वीरेंद्र की हत्या में शामिल हो सकते हैं। वीरेंद्र पर 13 आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें हत्या, हत्या की कोशिश, एक्सटॉर्शन जैसे मामले शामिल हैं। सोनी सूइसाइड केस में हुई थी गिरफ्तारी पुलिस अफसरों का कहना है कि तीन साल पहले नरेला इलाके के चर्चित सोनी खुदकुशी कांड में वीरेंद्र मान उर्फ काले को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप था कि वीरेंद्र ने स्थानीय विधायक के इशारे पर सोनी खुदकुशी के मामले में शिकायतकर्ता को धमकाकर केस वापस लेने के लिए कहा था। वीरेंद्र स्थानीय विधायक का बेहद करीबी था और इसी आधार पर वह इलाके में पोस्टर लगवाकर इस बार टिकट लेना चाहता था। वीरेंद्र बीएसपी के टिकट से एक बार विधानसभा और निगम पार्षद का चुनाव लड़ा था, लेकिन वह जीत नहीं पाया था।
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